यात्री और परिचालक के मध्य संवाद- लेखन
इस लेख में यात्री और परिचालक के बीच में तीन-तीन संवाद लेखन के नमूने दिए गए है। सभी संवाद यात्री और परिचालक के बीच भिन्न-भिन्न विषयों पर है।

1.यात्री और परिचालक के मध्य टिकट की जानकारी को लेकर संवाद- लेखन
यात्री: नमस्ते! मुझे यहाँ से मैसूर के लिए टिकट की जानकारी चाहिए।
परिचालक: नमस्ते! आपका स्वागत है। आपको किस प्रकार का टिकट चाहिए?
यात्री: अगर संभव हो, तो कुछ जानकारी दें ; इससे मैं सही से निश्चित कर पाउँगा।
परिचालक: बिल्कुल, हमारे पास आने-जाने के लिए एक साथ बुकिंग , स्लीपर सीट्स और एक तरफ़ा टिकट की सुविधा है। इसके अतिरिक्त दो टिकट पर 10% डिस्काउंट और तीन टिकट लेने पर 15% डिस्काउंट के ऑफर्स हैं।
यात्री: मुझे दो टिकट चाहिए । सिर्फ़ जाने के लिए।
परिचालक: ओह! अच्छा, आपकी यात्रा की तारीख क्या है?
यात्री: यात्रा की तारीख है 15 जनवरी और सुबह 9 बजे की टिकट चाहिए।
परिचालक: ठीक है, आपके लिए उपयुक्त टिकट देखता हूँ… यह रहा, और इसमें 10% की डिस्काउंट होगा।
यात्री: बहुत धन्यवाद! कैसे करूं भुगतान?
परिचालक: आप ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं या यहाँ कैश भी स्वीकार होता है।
यात्री: ठीक है, मैं ऑनलाइन कर लूंगा। धन्यवाद!
परिचालक: सुनिश्चित होकर यात्रा का आनंद लें!
2.यात्री और चालक के बीच दिशा-निर्देश के मार्गदर्शन के लिए संवाद-लेखन
यात्री: नमस्ते! मैं बैंगलुरु शहर में नया हूँ और मुझे यहाँ घूमने के लिए का मार्गदर्शन चाहिए।
कंडक्टर: नमस्ते! स्वागत है। आपका गंतव्य क्या है?
यात्री: मैं पहले बाजार जाना चाहता हूँ, और फिर मैं यहाँ सेंट्रल पुस्तकालय पहुंचना चाहता हूँ। शायद मैं विधान सौदा भी जाना चाहुँगा।
कंडक्टर: ठीक है, यदि सिर्फ़ बाज़ार जाना है तो रूट नंबर 415-डी सर्वोत्तम होगा, और फिर वहीं से पुस्तकालय के लिए आपको बस सेवा उपलब्ध है।
यात्री: धन्यवाद! बस सेवा का समय क्या है?
कंडक्टर: यहाँ से हर आधे घंटे में वहाँ के लिए बस चलती है। अगर आप दिन का पास लेंगे तो आपको सुविधा होगी ।
यात्री: अच्छा ! पास कितने का है?
कंडक्टर: मात्र रु. 70/- का। वैसे यहाँ बैंगलोर दर्शन नाम से एक बस सेवा चलती है जो मात्र रु. 130/- में शहर की सभी मुख्य जगहें घुमा देती है।
यात्री: शानदार! मैं उसी में जाना चाहुंगा।
परिचालक: आप टिकट अभी ले सकते हैं । बस प्रतिदिन 9 बजे इसी स्टॉप से चलती है।
यात्री: ठीक है! एक टिकट दीजिए। धन्यवाद आपकी मदद के लिए।
कंडक्टर: खुश रहें और बैंगलुरु दर्शन यात्रा का आनंद लें!
3. खोए हुए बैग के लिए पूछताछ करते हुए यात्री और परिचालक के मध्य संवाद लेखन
यात्री: नमस्ते, मेरा एक बैग खो गया है! कृपया मुझे मदद करें।
कंडक्टर: निराश करने की जरूरत नहीं है, हम आपकी मदद करेंगे। आपने बैग को आखिरी बार कहाँ देखा था ?
यात्री: मुझे यह नहीं पता, लगता है बस में ही कहीं छूट गया।
कंडक्टर: शांत हों, हम खोई हुई वस्तुओं को ढूँढने में मदद करेंगे। आपने बस के किस स्थान पर बैग रखा था?
यात्री: मैंने बस में अपनी सीट के नीचे ही अपना बैग रखा था।
कंडक्टर: ठीक है,क्या आप बता पाएंगे कि आपने किस बस से यात्रा की थी? बस का नंबर या कोई टिकट आपके पास हो तो कृपया याद करें।
यात्री: हाँ ! बस का टिकट तो मेरे पास है।
कंडक्टर: यह बहुत अच्छा हुआ। अब हम आसानी से पता लगा सकते हैं। आप अब थोड़ी देर रुकें। मैं अपने अधिकारी को सूचित करुंगा। आप अपनी स्थिति का बयान देंगे, और हम खोई गई वस्तु को पुनः प्राप्त करने के लिए सहायक होंगे।
यात्री: धन्यवाद, मैं आपकी मदद के लिए आभारी हूँ।
कंडक्टर: कोई बात नहीं, हम यहां आपकी सहायता के लिए ही हैं । आप चिंता न करें, यदि बैग बस में होगा तो अवश्य ही जल्दी मिलेगा।
इस प्रकार हम यात्री और परिचालक के बीच वार्तालाप के तीन नमूनों से संवाद लेखन सीख सकते हैं।
अभ्यास हेतु आप निम्न में से कोई विषय में संवाद-लेखन कर सकते हैं-
- यात्रा के दौरान बस / ट्रेन में मिलने वाली सुविधाओं के विषय में संवाद लेखन
- स्थानीय दर्शनीय स्थलों , रुकने के लिए रेस्टोरेंट और भोजनालयों के विषय में जानकारी के लिए यात्री और परिचालक के बीच संवाद लेखन
- बस के रूट नंबर और समय की जानकारी लेते हुए यात्री और परिचालक के बीच संवाद लेखन।



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