मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

श्याम सलोने नन्द किशोर,
ऐसी बांधी तुम संग डोर।
पीड़ा हिय की सही न जाती।।
मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

अश्रुधार की स्याही बनाकर
प्रेमी हृदय कागद पर लाकर
काश! मैं पंहुचा पाती।
मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

सुन्दर मोहिनी छबि दिखाओ।
मोहन प्यारे अब तो आओ।
बिरह गीत हूं गाती।
मैं कैसे लिखूं पिय को पाती ।

मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !
मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

मैं कैसे लिखूं पिय को पाती !

© सर्वाधिकार सुरक्षित

©copy right: कुसुम लता जोशी

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