चौराहों पर भीख माँगते बच्चों को देखकर आपको कैसा लगता है? इस समस्या के समाधान के लिए अपने विचार एक पत्र द्वारा किसी समाचार पत्र के सम्पादक को लिखिए ।
चौराहों पर भीख माँगते बच्चों की समस्या के समाधान के लिए समाचार पत्र के सम्पादक को पत्र ।
क.ख.ग.
परीक्षा भवन
बंगलुरु -560077
दिनांक 16 ,फ़रवरी 20xx
सेवा में,
संपादक महोदय,
इंडियन एक्सप्रेस बंगलुरु -560051
विषय– बच्चों की बढ़ती भिक्षावृत्ति की समस्या के संबंध में
महोदय,
आपके प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के माध्यम से नगर में बच्चों द्वारा भिक्षावृत्ति की बढ़ती हुई समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूँ। हमारे शहर बंगलुरु में हर जगह चौराहों पर बच्चों की दयनीय अवस्था भीख माँगते हुए देखा जा सकता है। देश के भावी भविष्य इन बच्चों को इस दुखद स्थिति में देखकर मुझे बहुत ही दुःख हुआ। इस प्रकार भीख माँगने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय है । जिस आयु में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए , उस आयु में वे इस प्रकार भीख माँग रहे हैं । भिक्षावृत्ति एक सामाजिक बुराई ही नहीं है , बल्कि समाज पर कलंक भी है। कानून की नजर में यह एक अपराध भी है।
यह भी सुना गया है कि कुछ आपराधिक तत्व बच्चों का अपहरण करके उन्हें भीख माँगने के लिए मज़बूर करते हैं। शहर में भीख माँगते इन बच्चों की बढ़ती जनसंख्या को देखकर मुझे संदेह है कि इसके पीछे भी इसी तरह का कोई गिरोह काम कर रहा हो सकता है।
मेरा सरकार एवं प्रशासन से आग्रह है कि तुरंत इस बात की जाँच की जाए कि शहर में भीख माँगने वाले बच्चों की संख्या इतनी क्यों बढ़ रही है? साथ ही इन बच्चों के आवास , भोजन और शिक्षा की उचित व्यवस्था की जाए । भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक एवं कठोर कदम उठाएँ।
भवदीय
क.ख.ग.
बंगलुरु-5600XX



Leave a Reply