शादी से पहले जीवन साथी के बारे में क्या जानना जरूरी है ?
भारतीय समाज में विवाह एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण निर्णय होता है। भारत में विवाहित जोड़े से यह उम्मीद की जाती है कि वे एक लंबा वैवाहिक जीवन जीएंगे और एक दूसरे के लिए समर्पित रहेंगे। फ़िर भी वर्तमान समय में तलाक की समस्या बढ़ती जा रही है । विवाह का बंधन अब पहले के समान मज़बूत नहीं रह गया है। युवकों और युवतियों की इवाह से पूर्व जो अपेक्षाएँ रहती हैं वे बाद में पूरी नहीं हो पाती । एक दूसरे से व्यवहार नहीं मिलता और बाद में तनाव बढ़ता है और तलाक की समस्या सामने आती है। इसीलिए विवाह से पहले अपने होने वाले जीवन साथी के बारे में कुछ बातें जान लेनी चाहिए । इससे आपको भी स्पष्ट होगा कि आपके लिए कैसा जीवन साथी उपयुक्त होगा और आपकी अपने जीवन साथी से कैसी अपेक्षाएँ होनी चाहिए। यहाँ पर ऐसे पाँच कारण बताए गए हैं जिसे व्यावहारिक तौर पर जान लेने से भविष्य में कम समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

बाहरी रंग -रूप :
वैसे तो अधिकांश लोग विवाह से पूर्व एक दूसरे को देख ही लेते हैं , फ़िर भी कई जगह ये निर्णय माता-पिता या मित्रों पर छॊड़ दिए जाते हैं । हर व्यक्ति का किसी को देखने -परखने का अपना अलग नज़रिया होता है । उसी के अनुरूप वे दूसरे का आँकलन करते हैं । अत: यदि आप जीवन साथी चुन रहे हैं तो यह महत्त्वपूर्ण निर्णय दूसरे पर न छोडें। आज कल नव युवक-युवतियाँ विभिन्न फ़िल्मी नायक-नायिकाओं से प्रभावित रहते हैं जो कि अत्यंत सुंदर और आकर्षक दिखते हैं । इन्हें देख कर सामान्य शक्ल -सूरत वाले युवा भी अपने लिए अभूतपूर्व सुंदर युवती या युवक की कल्पना करने लगते हैं । हालांकि कल्पना करने में कोई बुराई नहीं है लेकिन सच्चाई को जानना जरूरी है । एक तो ये फ़िल्मी नायक- नायिकाएँ अनेक प्रसाधन प्रयोग करते हैं । एक पूरी टीम इनको उन कोणों से फ़िल्माती हैं जस से ये मोहक लगें । इनका सारा ध्यान अपने सौंदर्य और शरीर के निखार में ही रहता है , क्योंकि ये इनके प्रोफ़ेशन की माँग है। अत: इन फ़िल्मी नायक-नायिकाओं से सामान्य लड़के -लड़की की तुलना करना ठीक नहीं है । दूसरी बात ये है कि बाहरी रँग-रूप क्षणिक है । दो चार सालों बाद हमारे शरीर की स्थिति ,रंग आदि कैसा रहेगा , इसके बारे में हम खुद ही नहीं जानते तो इस आधार पर बाहरी सुँदरता के आधार पर दूसरे का चयन न करना उचित नहीं । इस बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर निर्णय करना चाहिए।
आय:
आय का हमारे जीवन में विशेष असर पड़ता है। सिर्फ़ प्यार और कसमों वायदों से जिंदगी नहीं चलती। हालांकि वर्तमान समय में लड़कियाँ भी पढ़=लिख कर अपने पैरों में खड़ी होती है और उँचे ओहदों पर काम कर रहीं है । फ़िर भी घर की अर्थ व्यवस्था पुरुषों के कँधों पर ही है । इसलिए विवाह करने के इच्छुक जोड़े को खुलकर अच्छी तरह से इस विषय पर बात-चीत करनी चाहिए। विशेषकर युवक कितना कमाता है? और क्या इतनी कमाई पर घर आसानी से चलाया जा सकेगा ? यदि विवाह की इच्छुक लड़की भी कमाती है तो क्या वह परिवार पर खर्च करेगी ? यदि अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियाँ हैं तो उनका भुगतान कौन करेगा ? आदि विषयों पर चर्चा कर लेना उचित है। युवक युवतियों को बहुत अधिक कमाने वाले की अपेक्षा रखना उचित नहीं। अपनी पारिवारिक स्थिति अनुकूल ही जीवन साथी ढूँढें । हालांकि यदि आपको अच्छा कमाने वाला जीवन साथी मिल रहा हो तो यह अच्छी बात है । किंतु साधारण आय वाले व्यक्ति से भी विवाह में कोई बुराई नहीं , क्योंकि आय समय और अनुभव के साथ बढ़ जाती है। अत: सिर्फ़ इसी मुद्दे पर किसी को नकारना या चुनाव कर ना ठीक नहीं । बस आप यह देखें कि जिस से आप विवाह कर रहें हैं वह वर्तमान में जिम्मेदारियाँ उठा सकता है या नहीं! युवक हों या युवती, किसी को भी अपनी आय से अधिक खर्च की आदत न होनी चाहिए। इस विषय पर किसी प्रकार का छिपाव-दुराव भी न करें ; अन्यथा विवाह के बाद तनाव झेलना पड़ सकता है ।
शिक्षा:
अपने होने वाले जीवन साथी की शिक्षा के बारे में जरूर जानें । आज के समय में शिक्षा एक ऐसा महत्वपूर्ण औजार है जिसके बल बूते पर अनेकों समस्याएँ हल की जा सकती हैं । आप अपने जीवन साथी को कितना पढ़ा लिखा चाहते हैं और क्या योग्यताएँ उसने हासिल की हैं इस बारे में अपने होने वाले जीवन साथी से जरूर पूछें और उसके साक्ष्य भी प्राप्त करें।
व्यवहार और विचारों का मिलना :
जब भी आप किसी युवक या युवती से विवाह हेतु बात-चीत कर रहे हों तो ध्यान दें कि उसका व्यवहार अच्छा हो । सभ्य व सुसंस्कृत हो । बोलने -चालने का उचित सलीका हो। वह दूसरे और आपके साथ सम्मान पूर्वक बातचीत करे व उचित संबोधन दे। आपके सोचने का स्तर , भावनाएँ , विचार आदि समान हों। यह जरूरी नहीं कि वह आपकी हर बात पर हाँ कहे । लेकिन जब आप एक दो -बार मिलें या फोन आदि पर बात करें तो आपको उसकी बातों से सकारात्मक अनुभूति हो। आपको महसूस होना चाहिए कि आपके वैचारिक और भावनात्मक का स्तर समान है ।
पारिवारिक परि॓स्थिति और निर्भरता:
अपने होने वाले जीवन साथी और उसके परिवार से मिल कर उनकी पारिवारिक परिस्थिति के बारे में अवश्य जान लें । जानें कि वे परिवार के साथ कितना समय बिताते है और घरेलू जिम्मेदारियों का किस हद तक निर्वाह करते हैं? आज अधिकाँश नव युवक और नव युवतियाँ एकल परिवार चाहते हैं । फ़िर भी यह एक महत्वपूर्ण बात है जो हर विवाह करने वाले युगल को विवाह से पहले अवश्य जाननी चाहिए। जो लोग अपने परिवार के साथ अपना समय बिताते हैं , घरेलू कामों में हाथ बँटाते हैं और अपनी घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हैं । ऐसे पार्टनर के साथ जीवन बिताना आसान हो जाता है । अतः बात-चीत के दौरान इस विषय पर कुछ न कूछ चर्चा कर जानकारी अवश्य लें ।
दोस्तों , यहाँ पर जिन पाँच मुख्य बातों के बारे में बताया है वह एक दिशा निर्देशन मात्र है। किसी एक मात्र विषय पर दृढ़ निश्चय कर किसी अच्छे अवसर को चूकना उचित नहीं । जीवन में अनेक परिस्तिथियाँ आती है और लोग उसके अनुसार खुद को बदलते हैं । हर व्यक्ति का अपना अलग चुनाव व सोच होती है। उन्हीं सब परिस्तिथियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। हर व्यक्ति की अपनी अलग योग्यता होती है , उसी के आधार पर उसका आगे का जीवन निश्चित होता है । फ़िर भी इन मुख्य बातों की जानकारी होने से आप आगामी जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं और अनावश्यक तनाव से बचे रहेंगे। साथ ही आपको किसी प्रकार का अफ़सोस भी नही रहेगा कि समय रहते आपने जानकारी क्यों न ली ।बाद में पछताने से अच्छा यह है कि आप अपने होने वाले जीवन साथी के बारे मे ठीक जानकारी ले लें।
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