मुहावरे अक्सर बोलचाल की भाषा में बहुत प्रयोग होते हैं । मुहावरे व्यक्ति की मानसिक स्थिति को तो प्रकट करते ही हैं , कई बार ये उसकी बुद्धि मानी या मूर्खता के भी बारे में बताते हैं । कभी -कभी इनका प्रयोग हास -परिहास- उपहास आदि में भी किया जाता है । हिंदी में भाषा में इतने अधिक मुहावरे हैं कि प्रत्येक अक्षर से मुहावरों की एक लंबी सूची तैयार की जा सकती है । यहाँ पर”अ’ से शुरु होने वाले मुहावरों के अर्थ के साथ ही उनके वाक्य प्रयोग भी दिए गए हैं , जिससे मुहावरों के सही अर्थ प्रकट हों और बोल-चाल , व्यवहार में उनका उपयोग करना आसान हो।
अक्ल का दुश्मन – मूर्ख इंसान –
मेरे इतना समझाने पर भी उस अक्ल के दुश्मन ने फिर गाड़ी तेज चलायी।
अक्ल का पुतला – बहुत ज्यादा बुद्धिमान अरे अक्ल के पुतले! कभी -कभी दूसरों की राय भी सुन लिया करो।
अक्ल मारी जाना– समय पर बुद्धि का यथोचित काम न करना समय खराब हो तो आदमी की अक्ल भी मारी जाती है
अक्ल पर पर्दा पड़ना – सही गलत समझने की क्षमता खो देना –
बेटे के गलती करने पर भी माँ उसे डाँट नहीं रही थी । पुत्र प्रेम के कारण उसकी अकल पर परदा पड़ गया था ।
अक्ल सठिया जाना – बुढ़ापे के कारण बुद्धि का काम न करना बुढ़ापे के कारण मोहन के पिता की अक्ल सठिया गई है । दिन भर बड़बड़ाते रहते हैं ।
अक्ल खर्च करना– बुद्धि को काम पर लाना किसी भी समस्या को हल करने के लिए थोड़ी बहुत अक्ल तो खर्च करनी ही पड़ती है।हर काम दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ सकते ।
अक्ल चकराना – कुछ भी समझ न आना गणित का पेपर इतना कठिन था कि उसे देखते ही मेरी अक्ल चकरा गई ।
अक्ल ठिकाने लगाना – किसी को उसके गलत करने पर सज़ा देना मुझसे पंगा लिया तो अभी अक्ल ठिकाने लगा दुँगा।
अक्ल लगाना -युक्ति या तरकीब सोचना अनेक वि्द्वानों ने जब अपनी अक्ल लगाई, तब जा कर आज मंगल यान मंगल ग्रह तक जा पहुँचा है ।
अक्ल का दुश्मन – मूर्ख अरे अक्ल के दुश्मन !कभी तो सोच समझ कर काम कर लिया करो।

अक्ल के पीछे लट्ठ लेकर भागना – लगातार मूर्खतापूर्ण कार्य करना तुम्हारी मदद तो भगवान भी नहीं कर सकते क्योंकि तुम खुद ही अक्ल के पीछे लट्ठ ले कर भाग रहे हो ।
अक्ल पर पत्थर पड़ जाना – बुद्धि नष्ट हो जाना / बुद्धि का काम न करना नीता अच्छी खासी होशियार लड़की है , किंतु ठीक परीक्षा से पहले उसकी अक्ल में पत्थर पड़ गए और वह पढ़ाई छोड़कर वीडियो गेम खेलने की लत लगा बैठी ।

अक्ल घास चरने जाना –मति भ्रम होना या बुद्धि भ्रष्ट होना जब काम करने का समय था तब तो तुम्हारी अक्ल घास चरने चली गई थी , अब पछताने से क्या लाभ ?
अक्ल के घोड़े दौड़ाना – तरह -तरह से विचार करना – नौकरी छूट जाने पर रमेश पैसा कमाने के लिए अपने अक्ल के घोड़े दौड़ाने लगा ।
अक्ल का अंधा होना – मूर्ख होना यह लड़का तो पूरी तरहअक्ल का अंधा है । कितना भी समझाओ , कुछ मानता ही नहीं है ।
अक्ल बड़ी कि भैंस – बुद्धि शरीर की शक्ति से ज्यादा श्रेष्ठ है उस पहलवान को एक पतले से आदमी ने अपनी बुद्धि के बल पर हरा दिया । इसीलिए कहा जाता है कि ’अक्ल बड़ी कि भैंस ” ।

अंगारे उगलना – जली-कटी सुनाना –
इतनी मेहनत करने पर भी टीचर उस पर अंगारे उगलती रहती है।
अँगूठा दिखाना – इंकार करना –
जिस दोस्त को मैने हमेशा मदद की मुसीबत के समय उसने मुझे अँगूठा दिखा दिया।
अड़ियल टट्टू होना – बात पे अडिग रहने वाला जिद्दी व्यक्ति – मोहन बहुत बड़ा अड़ियल टट्टू है एक बार अकड़ गया तो समझाना मुश्किल है ।
अपना उल्लू सीधा करना – मतलब निकालना/अपना स्वार्थ सिद्ध करना –
अफसरों की चमचागिरी कर कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करते हैं।

अपना राग अलापना – केवल अपनी कहना –
कुछ लोग हर वक़्त अपना ही राग अलापते रहते हैं।
अगर-मगर करना – टाल-मटोल करना –
नेता चुनाव के समय हजार वायदे करते हैं लेकिन ्चुनाव जीत जाने के बाद अगर-मगर करने लगते हैं।
अँगारों पर पैर रखना – खतरा मोल लेना –
महेश से दुश्मनी ले कर तुम अँगारों पर पैर रख रहे हो।
अठखेलियाँ सूझना – मजाक सूझना/ दिल्लगी करना – यहाँ तुम्हारी माता जई तुम्हारी चिंता में घुली जा रहीं थी और तुम्हें अठखेलियाँ सूझ रहीं हैं।
अपना सा मुँह लेकर रह जाना – लज्जित हो चुप हो जाना –
अपने झूठ की पोल खुलने पर राकेश अपना सा मुँह लेकर रह गया।
अपनी खिचड़ी अलग पकाना– दूसरों के साथ मिलकर न रहना मोहन और रमेश साथ के बच्चों के साथ नहीं खेलते । जब देखो, ये दोनों अपनी खिचड़ी अलग ही पकाते रहते हैं ।
अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग – विभिन्न मत होना
वाक्य में प्रयोग – अगर आप सब इसी तरह अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग अलापते रहे तो आप लोगों का यह संयुक्त व्यापार चलना मुश्किल ही है ।
अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना – अपना नुकसान स्वयं करना उस चालाक लड़के को दुकान पर रख कर मोहन ने अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली।
अपने पैरों पर खड़े होना – आत्मनिर्भर होने –
कब तक दोस्तों से उधार लोगे, अपने पैरों पर खड़ा होना सीखो।
अपने मुँह मियाँ मिटठू बनना – अपनी प्रशंसा स्वयं करना –
मजा तो उसमे है कि लोग आपकी तारीफ करें, अपने मियाँ मिटठू बनने में कोई लाभ नहीं।
अपना किया पाना -कर्म भोगना– हर इंसान को अच्छे काम करने चाहिए क्योंकि अपना किया तो पाना ही पड़ता है ।
अपना सा मुंह ले के रहा जाना — शर्मिंदा होना – जब दुल्हन ने दहेज के लालची युवक से शादी करने से मना कर दिया तो दुल्हा पक्ष के लोग अपना सा मुँह लेकर रह गए।
अब तब करना — बहाना बनाना – उधार लेते समय तो रघु एक महीने में ही पैसे वापस करने का वादा कर के गया था किंतु वापस देते समय अब-तब कर रहा है।
अंक भरना — स्नेह से आलिंगन करना — विदेश से लौटे बेटे को देखते ही माँ ने उसे अंक भर लिया ।
अंग- अंग ढीला होना- बहुत अधिक थक जाना सुबह से शाम तक काम कर कर के अब तो अंग- अंग ढीला हो गया ।
अंगार उगलना – क्रोधवश कटु शब्द बोलना मेरे भाई ने ऐसे अंगार उगले कि कभी भूल न सकूँगी ।
अंगारों पे लोटना – दुःख सहना – सरला सोच समझ कर विवाह का निर्णय लो, वरना जीवन भर अंगारों पर लोटना पड़ेगा ।
अंगारे बरसना- बहुत अधिक गर्मी पड़ना – उत्तर भारत में मई जून के दोपहर के समय में इतनी गर्मी होती है कि ऐसा लगता है कि जैसे आकाश से आग बरस रही हो।
अंगारों पे पैर रखना –कठिन काम करना
पुलिस अफसर ने कहा है तो ये अंगारों पे पैर रखने का काम है , पर फिर भी हम उस गुंडे को पकड़ने की पूरी कोशिश करेंगे ,जिसे नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।
अंगारे सिर पे धरना – विपत्ति मोल लेना
एक वैसे ही चुनाव का टाइम था और ऊपर से तुमने ये घोटाला करके अंगारे सिर पर धर लिए हैं।
अंग अंग फूले न सामना- बहुत अधिक प्रसन्न होना-
रमा छोटे -मोटे नाटकों में काम करती थी पर जब बड़े बैनर की फिल्म में अभिनेत्री का ऑफर जब से आया है तब से उसके अंग अंग फूले नही समा रहे।
अंगद का पैर होना- अत्यधिक कठिन या असंभव कार्य होना – यद्यपि इस पहाड़ी पर चढ़ना अंगद का पैर उठाने जैसा है , पर फिर भी हम इस पर चढ़ने की पूरी कोशिश करेंगे ।
अँधेर होना – अन्याय होना दस साल मुकदमा लड़ने के बाद ही सही ,न्याय तो मिल सका। भगवान के घर देर है , अँधेर नहीं ।
अँधेर गर्दी मचाना- अन्याय करना या लूट मचाना – कुछ सरकारी ऑफ़ीसरों ने रिश्वत लेकर अँधेरगर्दी मचा रखी है ।
अंधे की लाठी होना – अकेला सहारा
बुढ़ापे में बच्चे ही माँ-बाप केअंधे की लाठी होते हैं।
अंधे के आगे रोना — निष्ठुर व्यक्ति के आगे दुखड़ा रोना — मोहन की पत्नी बीमार होने पर जब वह कंपनी सेठ के पास मदद माँगने गया तो उसने कोई मदद नहीं । इस पर मोहन के मित्र ने समझाते हुए कहा कि इस अंधे के आगे रोने से कोई लाभ नहीं।
अंधे के हांथ बटेर लगना – भाग्यवश इच्छित वस्तु प्राप्त होना – बदशक्ल सुरेश को चाँद जैसी पत्नी मिलने पर सबने कहा कि अंधे के हांथ बटेर लग
अंचरा पसारना/आँचल पसारना – याचना करना या फरियाद करना – – माँ ने आँचल पसार कर ईश्वर से बीमार नरेश के स्वस्थ होने की प्रार्थना की ।
अंड वंड बोलना– भला बुरा कहना – वह एक डॉक्टर है ,अगर इस तरह अंड वंड बोलोगे तो ठीक से इलाज नहीं करेगा ।
अंधा बनना -अनदेखा करना – आजकल भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि ईमानदार व्यक्ति को अंधा बन कर रहना पड़ता है ।
अंधा धुंध लुटाना–बिना सोचे समझे खर्च करना- जब लॉटरी लगी तो मोहन ने अंधाधुंध खर्च किया । अब पैसे खत्म होने पर पछता रहा है ।
अंधा बनाना – – धोखा देना – अपनी मालकिन को अंधा बना कर फ़िरोज़ ने खूब पैसा बना लिया।
अंधा होना — विवेकहीन होना – – तुम्हें सोच समझकर फ़ैसला लेना चाहिए था कोई अंधे तो हो नहीं कि यूँ ही कागज पर साइन कर दोगे।



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