छाती पर आधरित मुहावरे
दोस्तों आपने मुहावरे तो बहुत सुने होंगे। आज आपके लिए खास मुहावरे लाए हैं जो सिर्फ़ छाती पर आधारित हैं। छाती पर मुहावरों के भी कितने अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं यह बडा आश्चर्य का विषय है। पढिये और आनंद लीजिए।
छाती पर मूंग दलना-
अर्थ-अत्यन्त कष्ट देना
वाक्य प्रयोग- पहले जिस सौतेले बेटे को कमला ने खून पसीना बहा कर पढाया लिखाया आज वही नालायक कमला की छाती पर मूंग दल रहा है।
छाती पर पत्थर रखना-
अर्थ-दुःख सहने के लिए हृदय कठोर करना।
वाक्य प्रयोग- बेटे की खुशी के लिए बिशन ने छाती पर पत्थर रख कर अपनी सारी जमीन बेच दी और बेटे को विदेश भेज दिया।
छाती पर साँप लोटना-
अर्थ-ईर्ष्या से हृदय जल उठना।
वाक्य प्रयोग- मनीषा की उन्नति की चर्चा सुनकर उसकी पडोसन सरला की छाती पर साँप लोटने लगे।
छाती पीटना
अर्थ-मातम मनाना-
वाक्य प्रयोग- अपने प्रिय पुत्र अभिमन्यु के शव को देख कर सुभद्रा देवी छाती पीट कर रोने लगी।
छाती जलना
अर्थ-ईर्ष्या होना
वाक्य प्रयोग- मेरी दौलत देख कर मेरे रिश्तेदारों की छाती जलती रहती है।
छाती दहलना
अर्थ-डरना, भयभीत होना
वाक्य प्रयोग- रेल दुर्घटना का दृश्य इतना भयंकर था कि छाती दहल जा रही थी ।
छाती दूनी होना
अर्थ-अत्यधिक उत्साहित होना
वाक्य प्रयोग- जब से ही रोहन का कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी में दखिला हुआ, तब से उसके पिता की छाती दूनी हो गई।
छाती फूलना
अर्थ-गर्व होना
वाक्य प्रयोग- मेरी सफ़लता देख कर मेरे अध्यापक की छाती फूल गई।
छाती सुलगना
अर्थ-ईर्ष्या होना-
वाक्य प्रयोग- कुछ लोग इतने ईर्ष्यालु होते हैं कि किसी को भी सुखी देखकर उन की छाती सुलग उठती है।
छाती पर पत्थर होना-
अर्थ-भारी दुःख होना –
वाक्य प्रयोग- जब से नवीन की मृत्यु हुई है उसके पिता छाती पर पत्थर रख कर जी रहे हैं।
छाती पर ठंड पडना/ छाती ठंडी होना –
अर्थ-भारी दुःख से राहत मिलना/ न्याय मिलने पर संतुष्ट होना –
वाक्य प्रयोग- जब कमलेश के हत्यरों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई तब जा कर उसके परिवारीजनों की छाती पर ठंड पडी।



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