आजकल अनेक छात्रों द्वारा यह प्रश्न अकसर पूछा जाता है कि social media के कारण पढ़ने लिखने में मन नहीं लगता । कैसे ध्यान केंद्रित करें । आज के विद्यार्थियों के सामने ध्यान भटकाने के इतने साधन है कि पढ़ाई में मन लगाना वाकई एक समस्या मालूम होती हैं । कोरोना के कारण जब सामाजिक संबंध भी हमारे लैपटॉप और मोबाइल पर ही निर्भर हो गए हैं तो ऐसे में इन साधनों को पूरी तरह नकार भी नहीं सकते । ऐसे में छात्र यदि कुछ सरल उपाय अपनाए तो वे जरुर अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से कर सकते हैं और अच्छे अंक ला कर सफलता पा सकते हैं।

1.मनोबल ऊंचा रखें:

अक्सर युवा वर्ग अपना मनोबल खो देते हैं । बचपन से हमें हमारे माता पिता की सहायता और सहयोग से पढ़ने की आदत सी बन जाती है । उनके द्वारा साम दाम दण्ड भेद की प्रक्रिया अपनाते हुए जब हम अच्छे अंक पाते हैं तो सारी वाहवाही के हकदार बच्चे होते हैं । किंतु यही बच्चे थोड़े से बडे़ हो जाते हैं तो माता पिता इनको आत्म निर्भर समझ कर इनके हाल में छोड़ देते हैं । इसका मुख्य कारण माता पिता का विषय से अनभिज्ञ होना या विषय की जटिलता हो सकती है

ऐसे में तमाम सोशल मीडिया नेटवर्किंग गेम्स के प्रभाव से छात्र पढाई से विमुख हो जाते हैं । और बाद मे अच्छे अंक न मिलने पर अपना मनोबल खो देते हैं । उनको लगता है कि वे अब कुछ नहीं कर सकते । ऐसी स्थिति में विद्यार्थी के लिए आवश्यक है कि वह अपना मनोबल बढ़ाए और खुद पर भरोसा करना सीखें । ध्यान रखें युवा होने पर आपकी याददाश्त बढ़ती है और आप विषय को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

  पढ़ाई में ध्यान केंद्रित कैसे करें ?
किताब से पढ़ाई

2.किताब से पढ़ाई:

छात्र यह निश्चित करें कि वे अपनी पाठ्य पुस्तक या अन्य जो भी विषय की पुस्तक है उसे साथ में रख कर पढ़ाई करें । किसी इलेक्टॉनिक साधन की अपेक्षा पुस्तक और नोट बुक ले कर पढ़ना ज्यादा प्रभावी होती है। किताब से पढ़ने से एकाग्रता बनी रहती है और विषय देर तक पढ़ने में विद्यार्थी सक्षम होता है । किताब से पढ़ना आप्के अंक बढ़ाने में निश्चित रूप से सहायक साबित होगा।

इलेक्टॉनिक साधनों का उचित उपयोग

3.इलेक्टॉनिक साधनों का उचित उपयोग:

आज आधुनिक युग में इलेक्टॉनिक साधनों का उपयोग करना समय की आवश्यकता तो है ही, साथ ही यदि इसका बुद्‍धिमत्‍ता पूर्वक उपयोग किया जाए तो यह काफ़ी उपयोगी भी साबित हो सकता है। इसके लिए विद्‍यार्थी को दृढ़ प्रतिज्ञ होना होगा कि वह पढ़ाई के समय पर कोई अन्य कार्य न करें । कोशिश करें कि जब आप इलेक्टॉनिक साधन का प्रयोग कर रहे हैं तो जिस विषय की पढ़ाई कर रहे हैं उसी पर ध्यान केंद्रित करें । सोशल मीडिया से इस दौरान दूरी बनाएँ। कोशिश करें कि जिस भी डिवाइस से पढ़ रहे हैं , उस में सोशल मीडिया के एप्स न रखें अथवा पढ़ाई के दौरान उनसे लॉग आउट रहें ।

नोट्स बनाएँ

4.नोट्स बनाएँ :

छात्र निश्चित करें कि जब वे किसी विषय की पढ़ाई कर रहे हों तो साथ में नोट्स भी बनाते रहें । नोट्स बनाने से पढ़ना , लिखना और फ़िर पढ़ना यह अध्ययन की प्रक्रिया पूरी होती है । जब हम किसी विषय को पढ़ रहे होते हैं और साथ में लिखते भी हैं तो वह जानकारी हमारे दिमाग में ठीक से बैठ जाती है । बाद में विषय को दोहराना भी आसान हो जाता है और समय और मेहनत की भी बचत होती है ।नोट्स बनाना परीक्षा के समय विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होता है , जब आपको कम समय में पूरा कोर्स दोहराना होता है । नोट्स बनाने से मुख्य बिंदु आसानी से याद हो जाते हैं।

5.पढ़ाई का समय सुनिश्चित करें :

पढ़ाई का एक समय सुनिश्चित करें और नियम पूर्वक उस समय पढ़ने बैठ जाएँ। अपने फ़ोन को उस दौरान ऑफ़ रखें । अपने मित्रों और माता- पिता को भी बता दें कि इस दौरान न तो फोन करें और न किसी अन्य कार्य के लिए आपको बुलाएँ। संभव है कि आपको कुछ समय के लिए निंदा सुननी पड़े। किंतु आपके अच्छे भविष्य के लिए यह जरूरी है । कुछ समय बात वे लोग भी आपकी बात की गंभीरता समझेंगे और आपको किसी प्रकार का व्यवधान नहीं पहुँचाएंगे। एक निश्चित समय रखने का एक अन्य फ़ायदा यह भी है कि आपका दिमाग भी इस समय पर पढ़ने के लिए तैयार हो जाता है । और पढ़ाई में आपका फ़ोकस बढ़ जाता है । पढ़ाई के दौरान किसी भी मित्र / भाई -बहन से बातचीत कर समय नष्ट न करें । दिन भर किताब खोलकर बैठे रहने और बिना मनोयोग पढ़ने की अपेक्षा दो -तीन घंटों का गहन अध्ययन ज्यादा उपयोगी है ।

6.मित्रों का सहयोग:

विद्‍यार्थी जीवन में मित्रों का बहुत महत्‍त्व है । मित्रों का सही चुनाव और उनके सहयोग से सामान्य बुद्‍धि के छात्र भी सफ़लता की सीढ़ीयाँ चढ़ जाते हैं । वहीं, दूसरी ओर गलत संगति के प्रभाव से बुद्‍धिमान छात्र भी असफ़लता का मुँह देखते नज़र आते हैं । अच्छे मित्र न केवल छात्र का मनोबल बढ़ाते हैं अपितु पढ़ने में भी मदद करते हैं ।आप भी अपने मित्रों के सहयोग से सफ़लता पा सकते हैं अथवा उनको मदद कर सकते हैं । आपस में बातचीत के दौरान आप उन टॉपिक्स पर बातचीत कर सकते हैं जहाँ आपको कोई विषय समझ में न आया हो अथवा आपके मित्रों को समझ न आया हो। यह एक तरह की विन-विन स्थिति है । जहाँ इस प्रकार के सहयोग से सभी मित्रों का लाभ होता है और ज्ञान का प्रसार और सफ़लता की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। ध्यान रखें कि इस प्रकार का डिस्कशन अपने पढ़ाई के समय के दौरान न करें , अपितु अपने खाली समय का ही उपयोग इस वार्ता के लिए करें।

ग्रुप स्टडी

7.ग्रुप स्टडीज:

ग्रुप स्टडीज़ भी कई बार लाभदायक साबित होती हैं । इसमें एक छात्र नेतृत्व करते हुए विषय समझाता है और अन्य दूसरे उसे समझते हैं और अपने संदेह दूर करने हेतु प्रश्न उठाते हैं । इस तरह की पढ़ाई से सभी बच्चों को विषय आसानी से समझ आ जाता है और वे डाउट भी दूर हो जाते हैं ,जिन्हें कई बार बच्चे शिक्षक से पूछने में संकोच करते हैं । इसका लाभ यह भी यह कि जो भी छात्र जिस भी विषय में अच्छा जानता हो वह अपना ज्ञान बाँट सकता है और दूसरे उसे समझ सकते हैं।

इस तरह के समूह अध्ययन की भी सीमाएँ हैं । यदि छात्रों का ग्रुप साथ बैठ कर सिर्फ़ पढ़ने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता तो वे आपस में बातें करने लगते हैं और पढ़ना भूल जाते हैं।इस से समय बर्बाद होने की संभावना बढ़ जाती है । अत: एक दो बार साथ बैठने से आपको वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा और आप समझ पाएँगे कि समूह शिक्षा आपके लिए लाभप्रद साबित हो रही है अथवा नहीं । परीक्षा से ठीक पहले इस प्रकार के प्रयोग करना समय बर्बाद करने की संभावना को बढ़ावा देना है । समूह अध्ययन में तीन से अधिक छात्रों के होनें से ज्यादा बातें और कम पढ़ाई होने के स्थिति आ सकती है अत: यदि आप भी ग्रुप स्टडीज करना चाहते हैं तो आपको उपरोक्त बिंदुओं में ध्यान देना चाहिए ।

8. लक्ष्य की ओर केंद्रित रहना:

वर्तमान शिक्षा का उद्देश्य भौतिक प्रगति ही है । इसके परिणाम तुरंत सामने दिखते हैं । हर विद्य़ार्थी का भी जीवन में इसी प्रकार का कोई न कोई लक्ष्य होता है । इसी के लिए उसे प्रयत्न करना होता है । आप भी अपने लक्ष्य लिए केंद्रित रहें । इसके लिए आप सदैव उत्सुक रहें । अपने लक्ष्य को प्राप करने के लिए उसे सामने रखना अत्यंत आवश्यक है । आप इस हेतू कुछ ”लोगो’ बना कर अपने कंप्यूटर/ मोबाइल स्क्रीन पर लगा सकते हैं । उस से संबंधित कोई पोस्टर बना कर अपने कमरे में चिपका सकते हैं । स्लोगन /नारा बना कर अपनी किताबों /डायरी में लिख सकते हैं । आप किसी भी प्रकार कुछ ऐसा करें जिस से आपको अपने उद्देश्य की बार-बार याद आए और आप उसे प्राप्त करने में जुट जाएँ । जब लगातार आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयत्न करेंगे तो आप निश्चित रूप से आपको सफ़लता मिलेगी ।

आशा है कि उपरोक्त सभी बिंदु आपके लिए लाभकारी साबित होंगे और एक विद्यार्थी के तौर पर सफ़लता दिलाएंगे । यदि आपको यह जानकारी पसंद आती है तो कृपया कमेंट द्‍वारा सूचित करें । आपको शिक्षा के क्षेत्र में अन्य किसी विषय पर जानकारी चाहिए तो वह भी आप लिख कर पूछ सकते हैं । हम कोशिश करेंगे कि आपको उचित जानकारी पहुँचाई जाए।

Leave a Reply

Trending

Discover more from HindiFlorets.com

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading