
23 अगस्त 2023 बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रयान-3 की सॉफ़्ट लैंडिंग कराने के साथ ही भारत ऐसा करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।
इसके साथ ही भारत दुनिया के उन देशों के एलीट क्लब में भी शामिल हो गया है, जो चंद्रमा पर अपना मिशन उतारने में कामयाब रहे हैं. ऐसा करने वाला भारत चौथा देश है. इससे पहले अमेरिका, सोवियत संघ और चीन ने अपने यान चंद्रमा की सतह पर सफलता पूर्वक उतारे हैं।
चंद्र यान के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में उतरने की सफ़लता के साथ ही जहाँ विश्व ने भारतीय मेधा का लोहा माना है; वहीं पूरा भारतवर्ष इस सफलता पर गौरवान्वित है और जश्न मना रहा है।
देश के विभिन्न वर्गों से इस बारे में अनेक सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ आ रहीं हैं वही उत्साह में भर कर देशभर के लेखकों और कवियों ने इस आनंद के क्षण में अपनी रचनाओं से अपनी खुशी जाहिर की है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी इसमें पीछे नहीं हैं । रविवार 27 अगस्त 2023 को हुई मन की बात में प्रधानमंत्री ने चंद्रयान के बारे में बात करते हुए अपनी लिखी कविता पढ़ी।
आसमान में सिर उठाकर,
घने बादलों को चीरकर,
रौशनी का संकल्प ले,
अभी तो सूरज उगा है
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर,
हर मुश्किल को पार कर,
घोर अंधेरे को मिटाने,
अभी तो सूरज उगा है।
प्रधानमंत्री ने यह कविता देशवासियों को समर्पित उनके कार्यक्रम “मन की बात’ के 104 वें प्रसारण के दौरान पढ़ी। कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत के आगामी उज्ज्वल भविष्य के संकेत दिए हैं ।
इस सफलता से प्रधानमंत्री के उत्साह का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अपने दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस की विदेश यात्रा से वापस लौटने के बाद सीधे बेंगलुरु के इसरो अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों को बधाई देने आए।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान उस स्थान, जहाँ पर चंद्रयान 3 ने चंद्रमा की सतह को छुआ, को शिव शक्ति बिंदु नाम देने की घोषणा भी की।



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