बोलचाल की भाषा में मुहावरे का प्रयोग हमने अकसर देखा है। मुहावरों के प्रयोग से भाषा लच्छेदार और रोचक हो जाती है । मुहावरे में शब्दों का मूल शब्दार्थ ग्रहण न करके उसका लाक्षणिक अर्थ ग्रहण किया जाता है । सरल शब्दों में ,

ऐसा वाक्यांश , जो शब्दों के सामान्य अर्थ के स्थान पर किसी विलक्षण अर्थ का बोध करवाए मुहावरा कहा जाता है ।

मुहावरा एक पूर्ण वाक्य न हो कर एक वाक्यांश होता है जिसका एक रूढ़ अर्थ होता है । मुहावरे के प्रयोग से भाषा प्रभावपूर्ण, रोचक और कई बार चमत्कार उत्पन्न करने वाली हो जाती है । मुहावरे से भाषा सरल और प्रवाहमयी बन जाती है । मुहावरे में व्याकरण के नियम के अनुसार परिवर्तन आते हैं । मुहावरे में शब्द के अर्थ से अधिक उसका लाक्षणिक विशेषार्थ ही ग्रहण किया जाता है । जैसे : ”गागर में सागर भरना’ यहाँ गागर में सागर भरना का अर्थ वास्तविक रूप में घड़े में समुद्र भरने की कोशिश न हो कर ’कम शब्दों में बड़ी बात कह देने से है।

हिंदी भाषा में मुहावरा का प्रयोग अरबी भाषा के प्रभाव से आया है । मुहावरा का अर्थ होता है बोलचाल अथवा बातचीत करना। मुहावरों के प्रयोग से भाषा प्रभावपूर्ण और सशक्त हो जाती है । साहित्य में मुहावरों का विशेष महत्व है इसके द्वारा कम शब्दों में भावों को गहराई से व्यक्त किया जा सकता है और कहे गए शब्द पाठक या श्रोता को हृदय तक छू लेते हैं । इससे भाषा की अभिव्यंजना शक्ति की वृद्धि होती है ।

कुछ लोग मुहावरे को रोज़मर्रा , बोलचाल , तर्ज़ेकलाम, या इस्तलाह भी कहते हैं किंतु इनमें से कोई भी शब्द मुहावरे का उचित पर्यायवाची शब्द नहीं कहा जा सकता । संस्कृत भाषा में भी मुहावरे के लिए समानार्थक शब्द नहीं मिलता । यद्यपि कुछ लोग इसके लिए वाग्रीति , वाग्धारा, भाषा -सम्प्रदाय अथवा प्रयुक्तता शब्द का भी प्रयोग करते हैं , किंतु कोई भी शब्द मुहावरे का पूरी तरह से पर्यायवाची शब्द के रूप में नहीं स्वीकारा जा सका ।

यद्यपि वाक्य में प्रयोग किए जाने पर मुहावरे में व्याकरणिक परिवर्तन तो होता है किंतु मुहावरे के रूप में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता । वाक्य में प्रयोग करते समय मुहावरे में क्रिया, लिंग , वचन और कारक आदि के अनुसार परिवर्तन आते रहते हैं । मुहावरा एक वाक्यांश है, पूर्ण वाक्य नहीं । अतः इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं होता है ।मुहावरे में शाब्दिक अर्थ के स्थान पर उसका लाक्षणिक अर्थ ही महत्त्वपूर्ण होता है । मुहावरे के शब्दों को परिवर्तित कर उसके स्थान पर उनके पर्यायवाची शब्द नहीं लिखे जा सकते । ऐसा करने से मुहावरे का संपूर्ण अर्थ परिवर्तन हो जाएगा और मुहावरा अर्थहीन हो अपना रूढ़ार्थ ही खो देगा । हिंदी भाषा में अधिकांश मुहावरे शरीर के अंगों पर आधारित हैं ।

मुहावरे और लोकोक्तियों में लोग अधिकतर भ्रमित होते रहते हैं । किंतु मुहावरे और लोकोक्तियों में अनेक अंतर हैं । मुहावरे वाक्यांश हैं और वाक्य का एक हिस्सा होते हैं , जबकि लोकोक्तियाँ एक पूरा वाक्य होती हैं और स्वतंत्र वाक्य के रूप में बोली जाती हैं ।जैसे- ’आँखें दिखाना” एक मुहावरा है जबकि ’हाथ कंगन को आरसी क्या , पढ़े- लिखे को फ़ारसी क्या’ एक लोकोक्ति है ।

अंग- अंग ढीला होना -बहुत अधिक थक जाना – दिन भर काम करने के बाद अंग-अंग ढीला हो गया है ।

अंगार उगलना– कटु शब्द बोलना – राधा ने अपनी भाभी से कहा कि कभी तो मीठा बोला करो, हमेशा अंगार उगलती रहती हो।

अंगारों पर पैर रखना-जान बूझ कर विपत्ति सहना – यह जानते हुए भी कि सत्य का मार्ग चुनना हमेशा अंगारों पर चलने के समान है , वह कभी अपने आदर्शों से दूर नहीं हटा।

अंगूर खट्‍टे होना – मनचाही वस्तु प्राप्त न होने पर उस वस्तु के ही दोष दिखाना , अपनी असफ़लता का दोष दूसरी वस्तु पर डालना – जब लोमड़ी ऊँचाई पर लटकते हुए अंगूर न तोड़ पाई तो उसने कहा कि अंगूर खट्‍टे हैं ।

घोड़े बेचकर नींद सोना – निश्‍चिंत होकर सोना – अपना काम पूरा करने के बाद मजदूर घोड़े बेचकर सो गए ।

मगज़ चाटना – अनावश्यक बोलकर परेशान करना – कुछ काम भी कर लो , सुबह से मेरा मगज़ चाट रहे हो ।

शर्म से पानी -पानी होना – बहुत शर्मिंदा या लज्जित होना – चोरी करते हुए पकड़े जाने पर मोहन शर्म से पानी -पानी हो गया ।

प्राण सूख जाना– बहुत अधिक डर जाना- सामने शेर को देखते ही उसके प्राण सूख गए ।

हेकड़ी जताना– घमंड दिखाना – अपने अधिकारी को हेकड़ी दिखाने से लाभ की जगह नुकसान ही ज्यादा होगा ।

हेकड़ी जताना- शेखी बघारना – कुछ लोग मौका देखे बिना हर जगह अपनी हेकड़ी जताने लगते हैं।

आड़े हाथों लेना– सख्ती से काम लेना – गृह-कार्य पूरा न करने पर शिक्षिका ने छात्रों को आड़े हाथों लिया ।

तलवार खींच लेना– लड़ने के लिए तैयार रहना – शत्रु को देखते ही सैनिकों ने तलवार खींच ली ।

सिर पर नंगी तलवार लटकना – खतरा होना ,भारी संकट से घिर जाना – इस कंपनी का बॉस इतना कड़क-मिज़ाज़ है कि हर वक्त कर्मचारियों के सिर पर नंगी तलवार लटकती रहती है।

सिर पर मौत मँडराना – खतरे से घिर जाना – अचानक आई बाढ़ से लोगों के सिर पर मौत मँडराने लगी ।

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