सर्वनाम (Pronoun) : संपूर्ण गाइड

1. सर्वनाम की परिभाषा
जो शब्द संज्ञा (Noun) के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
सरल शब्दों में: बार-बार एक ही नाम (संज्ञा) को दोहराने से बचने और वाक्य को सुंदर बनाने के लिए सर्वनाम का प्रयोग होता है।
- उदाहरण:
- संज्ञा के साथ: राम एक अच्छा लड़का है। राम रोज़ स्कूल जाता है।
- सर्वनाम के साथ: राम एक अच्छा लड़का है। वह रोज़ स्कूल जाता है। (यहाँ ‘वह’ सर्वनाम है।)
2. सर्वनाम के भेद (Types of Pronoun)
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के मुख्य रूप से 6 भेद होते हैं:
| क्र.सं. | सर्वनाम के भेद | मुख्य शब्द (उदाहरण) |
| 1 | पुरुषवाचक सर्वनाम | मैं, तुम, वह, हम, आप |
| 2 | निश्चयवाचक सर्वनाम | यह, वह, ये, वे |
| 3 | अनिश्चयवाचक सर्वनाम | कोई, कुछ, किसी |
| 4 | संबंधवाचक सर्वनाम | जो-सो, जिसका-उसका |
| 5 | प्रश्नवाचक सर्वनाम | कौन, क्या, किसे |
| 6 | निजवाचक सर्वनाम | स्वयं, खुद, अपने आप |
1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)
जो सर्वनाम शब्द बोलने वाले (वक्ता), सुनने वाले (श्रोता) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
इसके तीन प्रकार होते हैं:
- उद्देश्य/उत्तम पुरुष (First Person): बोलने वाला अपने लिए उपयोग करता है।
- उदाहरण: मैं, हम, मेरा, हमारा। (उदा: मैं लिख रहा हूँ।)
- मध्यम पुरुष (Second Person): सुनने वाले के लिए उपयोग होता है।
- उदाहरण: तू, तुम, आप, तुम्हारा। (उदा: तुम कहाँ जा रहे हो?)
- अन्य पुरुष (Third Person): किसी तीसरे व्यक्ति के लिए जिसके बारे में बात हो रही हो।
- उदाहरण: वह, वे, उसने, उनका। (उदा: वह कल आएगा।)
2. निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun)
जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध होता है, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं (इसे संकेतवाचक भी कहते हैं)।
- उदाहरण: यह, वह, ये, वे।
- यह मेरी कार है। (पास के लिए निश्चितता)
- वह उनका घर है। (दूर के लिए निश्चितता)
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता, उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- उदाहरण: कोई, कुछ, किसी।
- बाहर कोई खड़ा है। (पता नहीं कौन है)
- दूध में कुछ गिरा है। (निश्चित नहीं है क्या गिरा है)
4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
जो सर्वनाम शब्द वाक्य में किसी दूसरे सर्वनाम या संज्ञा से संबंध बताने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- उदाहरण: जो-सो, जैसा-वैसा, जिसकी-उसकी।
- जो मेहनत करेगा, वह सफल होगा।
- जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
- उदाहरण: कौन, क्या, कहाँ, किसका।
- वहाँ कौन है?
- आपके हाथ में क्या है?
6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)
जहाँ वक्ता (बोलने वाला) अपने खुद के लिए ‘स्वयं’, ‘खुद’ या ‘अपने आप’ शब्दों का प्रयोग करता है, वहाँ निजवाचक सर्वनाम होता है।
- उदाहरण: स्वयं, खुद, अपने आप, स्वतः।
- मैं अपना काम स्वयं करूँगा।
- वह अपने आप चला गया।
3. सर्वनाम के कारक और रूप (संक्षिप्त नियम)
संज्ञा की तरह ही सर्वनाम शब्दों में भी कारक (कर्ता, कर्म, करण आदि) के कारण बदलाव आता है। लेकिन सर्वनाम में ‘संबोधन कारक’ (हे! अरे!) नहीं होता है।
- उदाहरण (मैं – उत्तम पुरुष का कारक रूप):
- कर्ता: मैंने / हम
- कर्म: मुझे / हमको
- करण: मुझसे / हमसे
💡 याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Tips)
- ‘आप’ शब्द का दोहरा उपयोग:
- जब ‘आप’ का प्रयोग आदर देने के लिए हो, तो वह मध्यम पुरुषवाचक होता है (जैसे: आप यहाँ बैठिए)।
- जब ‘आप’ का प्रयोग खुद के लिए हो, तो वह निजवाचक होता है (जैसे: मैं अपने आप पढ़ लूँगा)।
- हिंदी में मूल सर्वनामों की संख्या 11 है (मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ)। इन्हीं से मिलकर अन्य रूप बनते हैं।

सर्वनाम (Pronoun) पर आधारित 10 महत्वपूर्ण प्रश्न
सर्वनाम (Pronoun) पर आधारित 10 महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर नीचे दिए गए हैं, जो परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी हैं:
प्रश्न 1: सर्वनाम किसे कहते हैं और इसके कितने भेद होते हैं?
उत्तर: जो शब्द संज्ञा (Noun) के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं, तुम, वह, कोई, जो आदि। हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के मुख्य रूप से 6 भेद होते हैं।
प्रश्न 2: “बाहर कोई खड़ा है।” इस वाक्य में ‘कोई’ किस प्रकार का सर्वनाम है?
उत्तर: ‘कोई’ अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, क्योंकि इससे किसी निश्चित व्यक्ति का बोध नहीं हो रहा है कि बाहर कौन खड़ा है।
प्रश्न 3: पुरुषवाचक सर्वनाम के कितने उपभेद होते हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर: पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन उपभेद होते हैं:
- उत्तम पुरुष (बोलने वाला – जैसे: मैं, हम)
- मध्यम पुरुष (सुनने वाला – जैसे: तुम, आप)
- अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात हो – जैसे: वह, वे)
प्रश्न 4: “जैसा करोगे, वैसा भरोगे।” इस वाक्य में कौन-सा सर्वनाम है?
उत्तर: इस वाक्य में संबंधवाचक सर्वनाम है। यहाँ ‘जैसा’ और ‘वैसा’ शब्द दो अलग-अलग बातों में संबंध दर्शा रहे हैं।
प्रश्न 5: निजवाचक सर्वनाम का एक उदाहरण वाक्य सहित दीजिए।
उत्तर: जहाँ वक्ता अपने लिए ‘स्वयं’ या ‘अपने आप’ का प्रयोग करता है, वहाँ निजवाचक सर्वनाम होता है।
- उदाहरण: “मैं अपना गृहकार्य खुद करूँगा।” (यहाँ ‘खुद’ निजवाचक सर्वनाम है)।
प्रश्न 6: निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम में क्या अंतर है?
उत्तर: * निश्चयवाचक सर्वनाम: जिससे किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का पता चले (जैसे: यह मेरी पुस्तक है)।
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम: जिससे किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का पता न चले (जैसे: चाय में कुछ गिरा है)।
प्रश्न 7: “आप कहाँ जा रहे हैं?” और “मैं आप ही चला जाऊँगा।”— इन दोनों वाक्यों में ‘आप’ शब्द के सर्वनाम भेद में क्या अंतर है?
उत्तर: 1. पहले वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग सामने वाले को आदर देने के लिए हुआ है, इसलिए यह मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम है।
2. दूसरे वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग ‘अपने आप/स्वयं’ के अर्थ में हुआ है, इसलिए यह निजवाचक सर्वनाम है।
प्रश्न 8: हिंदी में मूल सर्वनामों की संख्या कितनी है?
उत्तर: हिंदी में मूल सर्वनामों की कुल संख्या 11 है। वे हैं: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ। अन्य सभी सर्वनाम शब्द इन्हीं से मिलकर बनते हैं।
प्रश्न 9: “यह कार मेरी है।” इस वाक्य में ‘यह’ क्या है—सर्वनाम या सार्वनामिक विशेषण?
उत्तर: इस वाक्य में ‘यह’ सार्वनामिक विशेषण है। नियम के अनुसार, जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा (यहाँ ‘कार’) के ठीक पहले आकर उसकी विशेषता या संकेत बताता है, तो वह सर्वनाम न रहकर विशेषण बन जाता है। (यदि वाक्य होता “यह मेरी कार है”, तो ‘यह’ निश्चयवाचक सर्वनाम होता)।
प्रश्न 10: सर्वनाम में कौन-सा कारक नहीं होता है?
उत्तर: हिंदी व्याकरण में सर्वनाम शब्दों में संबोधन कारक (जैसे: हे!, अरे!) नहीं होता है। सर्वनाम के केवल 7 कारक रूप ही होते हैं (कर्ता से लेकर अधिकरण तक)।




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