पुरुष स्वयं को कैसे आकर्षक दिखाएँ?
भारतीय समाज में जब भी सुंदरता या आकर्षण की बात आती है तो इसे सिर्फ़ स्त्रियों से जोड़ा जाता है। मानो स्वयं को सजाने सवाँरने का अधिकार आश्चर्यजनक रूप से सिर्फ़ स्त्रियों के लिए सुरक्षित कर दिया गया हो । हालांकि हर कोई अपने आकर्षक और सुंदर दिखाना चाहता है। स्वयं को अपनी सर्वश्रेष्ठ अवस्था में प्रस्तुत करना और आकर्षक दिखना हर किसी का अधिकार है और आज समय की आवश्यकता भी है। तो प्रश्न उठता है कि पुरुष स्वयं को कैसे आकर्षक दिखाएँ?

आकर्षक दिखने के लाभ :
दोस्तों सुंदर और आकर्षक कौन नहीं दिखना चाहता? लेकिन वर्तमान समय तलवार का नहीं बुद्धि के प्रयोग का समय है। आज आप स्वयं को आकर्षक दिखा दूसरे को प्रभावित कर सकते है। नौकरी और व्यवसाय में सफ़लता पा सकते हैं। आकर्षक व्यक्ति से हर कोई मित्रता करना चाहता है। उसकी उन्नति के रास्ते आसानी से खुल जाते हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बना रहता है। स्त्रियाँ भी ऐसे ही व्यक्ति के प्रति आकर्षित होती हैं जो स्वयं को सजाना सँवारना जानता हो।
यहाँ पर खास पुरुषों के लिए कुछ आसान और प्रभावशाली तरीके दिये जा रहें हैं जिनकी मदद से वे अपने व्यक्तित्व को सँवार सकते हैं और भीड़ से से हट कर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं ।
अनावश्यक बालों को हटाना:
पुरुषों के शरीर के भिन्न-भिन्न भागों में अनावश्यक बाल उगे रहते हैं । इनको नज़रांदाज करना ठीक नहीं , क्योंकि इनकी वज़ह से आपकी सुंदरता कम हो जाती है। कई लोग तो इन अनावश्यक बालों की ओर ध्यान ही नहीं देते और बन-मानुष जैसे बने घूमते हैं । इसलिए आवश्यक है कि आप समय -समय पर इन बालों को हटाते रहें। ये बाल नाक में , कान में , दाढ़ी- मूँछ आदि के रूप में हो सकते हैं । इसके लिए आप किसी नाई की मदद भी ले सकते हैं। अथवा थोड़े अभ्यास के साथ खुद भी इन्हें हटाया जा सकता है। यदि आप दाढ़ी-ंमूँछ बनाए भी रखना चाहते हों तो समय पर इनकी उचित काट -छाँट कर इन्हें उचित आकार देते रहें। बरसात में उग आई खरपतवार की तरह दाढ़ी- मूँछ को यूँ ही बढ़ने न दें।

अपनी सिर के बालों को भी अच्छी स्टाइल में कटवाते रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त आँख की बरौनियों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। कुदरत ने सबको अलग तरीके की भौंहें दी हैं । लेकिन यदि आप की भौंह कुछ ज्यादा ही मोटी हैं तो इन्हें तराशना चाहिए। साथ ही यह भी यह भी ध्यान रखें कि ये बहुत पतली न तराशी जाएँ । ज्यादा पतली भौंहों से चेहरा स्त्रैण सा दिखता है। पुरुष और स्त्री दोनों को ईश्वर ने अपनी अलग पहचान दी है। तो पुरुषों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि ज्यादा दिखावे के चक्कर में आ कर कहीं आपके व्यक्तित्व पर ही प्रश्न चिह्न न उठ जाएँ।
अपने शैली का ध्यान रखें:

सही शैली चयन करके आप अपने आप को अधिक प्रभावशाली और सुंदर बना सकते हैं। अपने वस्त्र, बालों, और वैशिष्ट्य पर ध्यान देना आपकी प्रतिभा को बढ़ा सकता है। वस्त्रों का उचित संयोजन , अवसर के अनुकूल वस्त्र चयन करने की क्षमता का विकास करें। कपड़े वे पहनें जिनमे आप स्वयं को सहज और आकर्षक महसूस करते हैं।
रंग संयोजन की कला भी इसमें बहुत मदद करती है। पेंट के साथ शर्ट के रंग संयोजन करना, अपनी बेल्ट का रंग पेंट से मैचिंग करना और शर्ट के साथ टाई का रंग मिलाना चाहिए। कपड़े सदैव साफ़ सुथरे और इस्त्री किये हुए ही पहनें। एक दिन के पहने हुए कपड़े दुबारा धो कर ही पहनें। भारत एक ऊष्ण देश है और यहाँ पसीना आना स्वाभाविक ही है। ऐसे में यदि वही कपड़े अगले दिन भी पहनते हैं तो आपके सहकर्मियों को शिकायत हो सकती है।
यदि आप नज़र का चश्मा पहनते हैं अथवा धूप का चश्मा पहनने के शौकीन हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि चश्में का फ़्रेम और रंग आपके चेहरे और व्यक्तित्व के साथ मेल खाए। चेहरे से बहुत अधिक बड़े के फ़्रेम आपको उपहास के पात्र बना सकते हैं वहीं बहुत छोटे फ़्रेम अटपटे से लगते हैं।
इत्र का प्रयोग
इत्र का प्रयोग अवश्य करें । भारत जैसे गरम देश में शरीर से गंध आना स्वाभाविक है। इसीलिए तो सर्वप्रथम इत्र की खोज भारत में ही हुई।लेकिन ध्यान रहे कि आप उचित इत्र का इस्तेमाल करना सीखें । इत्र आपके व्यक्तित्व का परिचायक है। आप कैसी इत्र प्रयोग करते हैं इस से आपके मानसिक स्तर का परिचय मिलता है। इस लिए इत्र ऐसी हो कि आपके आस-पास के लोगों को आपके पास रहना अच्छा लगे। बहुत तेज़ गंध वाली इत्र के प्रयोग से बचें।

स्वच्छता पर ध्यान देना-
स्वच्छता पर खास ध्यान देना आपकी सुंदरता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। नियमित स्नान करें । सही तरीके से दांतों की सफाई करें । दाँतों को फ़्लोश करें। अपने सामान , ऑफ़िस बैग, आदि को भी साफ़ रखें । बालों को नियमित धोयें और अच्छे से काढ़ें। बाल कभी भी अव्यवस्थित न दिखें । इन सबकी नियमित आदतें बनाएं। साफ़-सुथरे मोजे और पॉलिश किए हुए जूते ही पहनें।
मालिश की आदत-
आकर्षक दिखने के लिए शारीरिक रख -रखाव जरूरी है। आपका शरीर चिकना और चमकदार रहे , इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से अपने शरीर की मालिश करते रहें। मालिश के लिए आप सरदियों में तिल या सरसों का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं और गरमियों में नारियल का या जैतून का तेल। चाहें तो तेल में बादाम का तेल और विटामिन ई भी मिला सकते हैं। विटामिन ई बाज़ार में बहुत ही कम मूल्य में आसानी से उपलब्ध है।
मालिश करने से न सिर्फ़ शरीर का रूखापन गायब होता है अपितु पूरे शरीर में रक्त संचरण बढ़ता है और परिणामस्वरूप चेहरा ओज युक्त लगता है । अगर आप तेलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो बाज़ार में अनेक मॉश्चराइज़र्स और कोल्द क्रीम उपलब्ध है आप अपनी पसंद के अनुसार इन्हें चुन लें और प्रतिदिन सोने से पहले अपनी मालिश अवश्य करें। एक महीने बाद परिणाम देखकर आप स्वयं ही आश्चर्यचकित रह जाएंगें।
पोषक आहार –
स्वस्थ और आकर्षक शरीर सिर्फ़ बाहरी देखभाल से ही संभव नहीं हैं । आपको उचित आहार भी लेना चाहिए। आहार इस तरह का हो, जिसमें संपूर्ण पोषक तत्व शरीर को मिल जाएँ। आपकी भोजन की थाली में छ्हों रस विद्यमान होने चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लेना आपके चेहरे की त्वचा को चमकदार बना सकता है और आपके बालों को मजबूती दे सकता है। फल, सब्जियां, अनाज, दूध, प्रोटीन युक्त आहार आपकी सुंदरता में सुधार कर सकता है।बहुत अधिक खा कर आलसी न बनें। मित आहार ही उचित है। भोजन के अतिरिक्त सूखे मेवे भी लें। इन में विद्यमान एसेंशियल ऑयल आपके चेहरे में निखार ला देती है। इस सब के बाद भी यदि आपको आहार में कोई कमी महसूस होती है तो चिकित्सकीय परामर्श के बाद विटामिन अलग से ले सकते हैं।

व्यायाम करें
नियमित शारीरिक गतिविधि आपकी ताकत बढ़ा सकती है, मस्तिष्क को ताजगी प्रदान कर सकती है और आपके चेहरे के आकर्षण को बढ़ा सकती है। योग, जिम, दौड़ना आदि व्यायाम का आप अपने रुचानुसार चयन कर सकते हैं। व्यायाम के द्वारा सुगठित शरीर किसी को भी आकर्षित कर सकता है। व्यायाम से आप स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं साथ ही दिन भर ऊर्जावान भी महसूस करेंगे।
तनाव रहित रहें
आज की भाग -दौड़ की जिंदगी में किसे तनाव नहीं है? फ़िर भी कुछ लोग इतने शांत और प्रसन्न दिखते हैं जबकि कुछ चिढ़चिढ़ाते हुए। इसका कारण यह है कि कुछ लोगों ने तनाव को नियंत्रित करने की कला सीख ली और दूसरों ने नहीं। तनाव रहित रहने के लिए कुछ उपायों पर जरूर अपनाना चाहिए।
- घर और ऑफ़िस की समस्याओं को आपस में न मिलाएँ। घर से निकलते वक्त घर की समस्याएँ वहीं छोड़ आएँ । इसी प्रकार ऑफ़िस की समस्याओं के कारण घर में हंगामा ठीक नहीं।
- हमेशा ध्यान में रखें आप किसी भी समय प्रतिस्थापित किये जा सकते हैं । समाज में या ऑफ़िस में कोई भी ऐसा नहीं जिसकी जगह कोई दूसरा न ले सके। इसलिए किसी भी काम को इतना गंभीरता से न लें कि इसका असर आपके मूल व्यवहार में पड़े।
- अपने काम को ईमानदारी से नियमित रूप से पूरा करें । काम को टालने की आदत से बचें । रोज़ाना का काम समय पर खत्म कर देने से कभी भी एक साथ ज्यादा काम का भार नहीं आ सकेगा और आप तनाव मुक्त हो पाएंगे।
- समस्या पर खीजने की बजाए समस्या के समाधान पर अपनी ऊर्जा लगाएँ।
- योग या ध्यान की सहायता से तनाव पर नियंत्रण किया जा सकता है।
मुस्कुराएँ
हँसते -मुस्कराते चेहरे भला किसे पसंद नहीं आते! गुस्से भरा या चिढ़चिढ़ाता चेहरा जहाँ देखते ही व्यक्ति के प्रति नकारात्मक प्रभव उत्पन्न करता है वहीं मुस्कराना आपकी खूबसूरती को बढ़ाता है और आपके चेहरे पर चमक लाता है। अपने चेहरे पर ख़ुशी का प्रकटीकरण करना और दूसरों के साथ एक मुस्कराहट साझा करना आपको आकर्षक बना सकता है।
सामाजिक व्यवहार सीखें:
आकर्षक दिखने में सिर्फ़ आपका चेहरा ही नहीं काम आता। लोगों के साथ बात-चीत करने के तौर-तरीके, लोगों से सम्मान से बात-चीत करना आपके व्यक्तित्व का गांभीर्य और सौंदर्य बढ़ा सकती है। आपको सीखना चाहिए कि किस प्रकार बात-चीत करें , लोगों से हाथ मिलाएँ , कहाँ पर और कब किस तरह के सुझाव , चर्चा करें जिस से लोग आपके साथ रहने में आनंद और सम्मान महसूस करें । बहुत अधिक बोलना या बिलकुल न बोलना, लोगों से मिलने पर उदासीनता का प्रदर्शन , अपने को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश आदि बातें आप के प्रति नकारात्मक विचार उत्पन्न कर सकती हैं । इसके लिए आपको सामाजिक व्यवहार की कला में कुशल होने का लगातार प्रयत्न करते रहना चाहिए।
स्वयं से प्रेम करें
आपको खुद से प्रेम करने का महत्वपूर्ण है। आप अपने स्वयं की खूबसूरती को समझें और खुद को स्वीकार करें, यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है और आपको सुंदर बना सकता है। आप स्वयं को सजाएँ, सँवारें और आकर्षक बनाएँ क्योंकि सुंदर और आकर्षक दिखना आपका अधिकार है।
हमें सोचना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति की लंबाई -चौड़ाई और नाक-नक्श बहुत हद तक उसके आनुवांशिक गुणों पर निर्भर होते हैं । इसलिए आपके शरीर को आप आमूल-चूल परिवर्तन नहीं कर सकते। अतः इन बातों की वजह से निराश होना और दुखी होना या अति उत्साहित होना उचित नहीं। मुख्य बात यह है कि आप स्वयं को सबसे बेहतरीन तरीके से उभारें। हमारे पास जो कुछ भी है उसको भी यदि हमने उच्चतम स्तर पर रखना सीख लिया तो इसे सफ़लता समझना चाहिए। ध्यान देने योग्य बात है कि सुंदरता एक अनुभव है और यह अपने आप में सच्चाई है। आपको खुद को स्वीकारने, प्रेम करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से आपकी सुंदरता में सकारात्मक परिवर्तन हो सकता है।



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