शिक्षक जीवन की आधार शिला होते हैं। एक अध्यापक की छात्र के संपूर्ण विकास में अहम भुमिका होती है। इसीलिए भारतीय समाज में गुरु को विशेष स्थान दिया गया है। लेकिन सिर्फ़ छात्र ही अपने अध्यापकों को याद नहीं रखते। शिक्षक भी अपने छात्रों से उतना ही स्नेह रखते हैं और उनकी शरारतों से आनंदित होते हैं। शिक्षक के हृदय को बयान करती एक कविता -वे लौट आएंगे।

वे लौट आयेंगे – कविता

वे बच्चे चुलबुले से 

खुशियों के बुलबुले से

हँसते-खिलखिलाते पास आते हैं ।

वे करते हैं गलतियाँ 

और वे डाँट खाते हैं ।

फ़िर टीचर की आँख बचा 

मुस्कराते है॥ 

वे नाम रखते हैं 

और पीठ पीछे दोहराते हैं 

कुछ भी हो,

अपने जीवन में शिक्षक का 

अहम किरदार पाते हैं।  

एक दिन वे बड़े हो जाएंगे

और दूर चले जाएंगे।

वे पंछियों की तरह 

डैने खोलेंगे और उड़ जाएंगे।

वे चढ़ेंगे सफ़लता की सीढ़ियाँ

और नाम कमाएंगे।

वे दूर-दूर के देशों में जाएंगे।

 कहीं नए आविष्कार करेंगें

या अंतरिक्ष में विजय पाएंगे।

वे अपने जीवन के 

उच्चतम शिखर को छूएंगे।

तब, जब कभी वे अतीत में देखेंगे।

वे अपने शिक्षकों को 

पीछे खड़ा पाएंगे।

उस क्षण 

वे लौट आयेंगे।

वे लौट आयेंगे।

मौलिक रचना – कवयित्री : कुसुम लता जोशी

2 responses to “वे लौट आयेंगे – कविता”

  1. अत्यंत सुंदर।
    2019 में हमें, यानी the class of 1969 ने स्कूल छोड़ने की Golden asary मनाई थी।
    सौभाग्य था कि हमें 2 शिक्षक मिले जिनसे हमने कुछ समय 11वीं मेंनपढाई की थी।
    वो मिलने का अहसास शब्दों के परे है, जितना हमारे लिए उतना ही उनके लिए।
    अचरज हुवा जब उन्हें कुछ छात्रों के नाम याद थे।
    आपकी कविता ने यादें ताज़ा करवा दीं। ❤️👌👍😃

    1. आपकी टिप्पणी को एक प्रेरणा के रूप में शिरोधार्य करती हूँ। इस कविता से जुड़ा आप का अनुभव पढ़ कर बहुत अच्छा लगा। अपनी भावनाएं साँझा करने के लिए धन्यवाद।

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