MOMMY MENDHAKI -EK SE DAS TAK KI GINATI PAR HINDI KAVITA
बच्चों को रोचक तरीके से गिनती सिखाना आसान होता है। यहाँ मम्मी मेंढकी कविता के द्वारा हिंदी कविता सिखाने के साथ-साथ छोटे बच्चों को हिंदी की दस तक की गिनती सिखाने का प्रयास किया है। यहाँ एक स्वरचित कविता प्रस्तुत कर रही हूँ आशा है बच्चों के साथ-साथ माता-पिता और शिक्षिकाओं को भी यह कविता रोचक और उपयोगी लगेगी । कुसुम लता जोशी
मम्मी मेंढकी
एक थी मम्मी मेंढकी
दो थे उसके कान
तीन दिनों से सुना रही
टर्र टर्र की तान
चार पाई पर बैठ कर
गाती थी कुछ गान
पाँच मक्खियां खा कर
करने लगी आराम
छह महीने बीत गए
किया नहीं कुछ काम
सात समुंदर पार से
आ गईं एक ट्राम
आठ बच्चों के संग चली
पाने नया मुकाम
नौ दिनों तक घूम-घूमकर
नाची सुबह शाम
दस घंटा जब हो गई बारिश
सबको हुआ जुकाम ।
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बच्चों को रोचक तरीके से गिनती सिखाना आसान होता है। यहाँ मम्मी मेंढकी कविता के द्वारा हिंदी कविता सिखाने के साथ-साथ छोटे बच्चों को हिंदी की दस तक की गिनती सिखाने का प्रयास किया है। यहाँ एक स्वरचित कविता प्रस्तुत कर रही हूँ आशा है बच्चों के साथ-साथ माता-पिता और शिक्षिकाओं को भी यह कविता रोचक और उपयोगी लगेगी ।
कवयित्री-कुसुम लता जोशी
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